दोस्तों, आज हम पश्चिम बंगाल के चाय के बागान यानी कि दार्जिलिंग के बात करने जा रहे हैं। इस लेख में हम जानेंगे कि हमको दार्जिलिंग कैसे पहुंचे हैं। दार्जिलिंग में घूमने की कौन-कौन सी मुख्य जगह हैं। वह खाने पीने की क्या व्यवस्था है। और डार्लिंग घूमने का सबसे बेस्ट टाइम कौन सा है। और साथ ही जानेंगे डार्लिंग के बारे में बहुत कुछ। तो बने रहिए हमारे साथ लेख के अंत तक और ऐसे ही लेख को पढ़ने के लिए वेबसाईट को सब्सक्राइब जरूर करें।

दार्जिलिंग से जुड़ी कुछ जानकारी?

दार्जिलिंग पश्चिम बंगाल राज्य में स्थित है। और यह बांग्लादेश भूटान और नेपाल जैसे देशों से सटा हुआ है। दोस्तों दार्जिलिंग ब्रिटीस के समय से ही बहुत फैशन हिलस्टेशन रहा है। दार्जिलिंग अपनी दो चीजों के कारण भारत का सबसे फेमस टूरिस्ट प्लेस है। एक तो विश्व की सबसे ऊंची चोटी कही जाने वाली कंचनजंघा दृश्य के लिए और दूसरे यहाँ के चाय के बागान के लिए। यहां बहुत ही बड़े एक्सपोर्ट की जाती है। इसके अलावा यह अपनी खूबसूरती के कारण टूरिस्टों को अपनी ओर आकर्षित भी करता है।

दार्जिलिंग कैसे घूमें ? | दार्जिलिंग यात्रा गाइड | लोकल भोजन
दार्जिलिंग कैसे घूमें ? | दार्जिलिंग यात्रा गाइड | लोकल भोजन

दार्जिलिंग जाने का सबसे अच्छा समय कौन सा है।

डार्लिंग घूमने का सबसे अच्छा समय अप्रैल से जून के महीनों के बीच होता है। इस दौरान जब देश के अन्य भागों में खूब गर्मी पड़ती है। तब दार्जिलिंग का तापमान 14 से 18 डिग्री सेल्सियस के बीच होता है। इस दौरान यहां भारी संख्या में पर्यटक आते हैं। लेकिन यदि आप और भी ज्यादा ठंड का लुत्फ उठाना चाहते हैं। तो नवंबर से दिसंबर के बीच यहां आ सकते हैं। लेकिन मानसून के दौरान यहां पर भारी वर्षा होती है। और लैंडस्लाइड भी होता है। इसलिए इस दौरान पर्यटक यहाँ कम आते हैं।

दार्जिलिंग कैसे पहुंचे?

सबसे पहले बात करते हैं कि आप दार्जिलिंग कैसे पहुंच सकते हैं। तो दरगलिङ्क पहुचने के लिए आपके पास 3 माध्यम है। जिसकी विस्तार मे जानकारी हमने नीचे दी है।

ट्रेन से दार्जिलिंग कैसे पहुंचे?

अगर ट्रेन से यात्रा की बात करें तो यहां का नियरेस्ट रेलवे स्टेशन न्यू जलपाईगुड़ी है। इस जंक्शन पर उत्तर पूर्वी राज्यों के लिए जाने वाली ज्यादातर ट्रेनें रुकती हैं। यहां से दार्जिलिंग की दूरी लगभग 75 किलोमीटर है। रेलवे स्टेशन से शेयरिंग टैक्सी करके आप 2 से 3 घंटे में दार्जिलिंग पहुंच सकते हैं। शेयरिंग टैक्सी में आपको ₹400 से ₹500 तक का किराया लगेगा। सबसे सस्ते विकल्प के लिए आपको रेलवे स्टेशन से 3 किलोमीटर दूर सिलीगुड़ी बस स्टैंड जाना है। फिर आप वह से बस पकड़ कर दार्जिलिंग पहुँच सकते है।

बस या टैक्सी से दार्जिलिंग कैसे पहुंचे?

सड़क मार्ग के रास्ते दार्जिलिंग पहुंचने के लिए आपको सिलीगुड़ी के रास्ते दार्जिलिंग पहुंचना होगा। सिलीगुड़ी तक पहुंचने के लिए भारत के कई बड़े राज्य से सीधे बस सेवा उपलब्ध है। सिलीगुड़ी से आगे आप शेरेरींग कैब टैक्सी या फिर बस से दार्जिलिंग पहुँच सकते हैं।

हवाई जहाज से डार्लिंग कैसे पहुंचे?

दार्जिलिंग का सबसे निकटतम एयरपोर्ट बागडोगरा एयरपोर्ट है। यह एयरपोर्ट दार्जिलिंग से लगभग 88 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। जहां से आप किसी भी केब या प्राइवेट टैक्सी के द्वारा लगभग 3 घंटे के सफर के बाद डार्लिंग पहुंच सकते हैं।

इसके अलावा एक ओर ऑप्शन भी है जो कि है टॉय ट्रेन। तो टॉय ट्रेन से दार्जिलिंग जाने में आपको 7:30 घंटे से ज्यादा का वक्त लग जाएगा। ट्रेन आपको न्यू जलपाईगुड़ी स्टेशन के पास सुबह 10:00 बजे मिलेगी। जो की दार्जिलिंग शाम 5:30 बजे तक पहुंचाएगी। इतने लंबे सफर में आपको दार्जिलिंग की बहुत सारी खूबसूरती देखने को मिल जाएंगे। बात की जाए इसके टिकट की तो इसे ऑनलाइन आईआरसीटीसी की वेबसाइट से बुक कर सकते हैं। इसके अलावा आपको वहां काउंटर मिल जाएंगे जहां से आप टिकट बुक कर सकते हैं। लेकिन ज्यादातर यह ट्रेन भरी रहती है। तो आपको काउंटर टिकट मिलने के चांस बहुत कम है। अगर आपको सिलीगुड़ी से टिकट नहीं मिलती है तो आप घूम मॉनेस्ट्री के स्टेशन से दार्जिलिंग तक की टॉय ट्रेन की राईड ले सकते हैं। और यह ट्रेन रास्ते में कई प्रसिद्ध जगह पर भी रूकती है। ट्रेन में बैठे-बैठे ट्रेन राइट के साथ-साथ खूबसूरत जगह का भी आनंद ले सकते हैं।

दार्जिलिंग में होटल कहां ले और उसका किराया कितना रहता है।

दोस्तों दार्जिलिंग पहुंचने के बाद सबसे पहले आपको होटल देखना है। तो यहां पर हम आपको बता दें कि आपको दार्जिलिंग में लो बजट से लेकर हाई बजट तक के होटल आराम से मिल जाएंगे। तो आप अपनी आवश्यकता और बजट के अनुसार अपना होटल का चुनाव कर सकते हैं। और बात करें रूम की कॉस्ट की। तो यहां ₹650 से शुरू होकर आपको ₹4000 तक के होटल आराम से मिल जाएंगे।

लेकिन दोस्तों एक चीज का आपको विशेष ध्यान रखें कि आपको अपना होटल माल रोड या फिर गांधी रोड पर ही लेना है। क्योंकि यहां पर आपको बहुत सारे होटल के ऑप्शन तो मिल ही जाएंगे। साथ ही साथ आपको यहां ट्रांसपोर्ट में खाने-पीने की भी फैसिलिटी मिल जाएगी।

दार्जिलिंग में खाने-पीने की व्यवस्था? | दार्जिलिंग का लोकल भोजन

दोस्तों बात करें यहां पर खाने-पीने की तो यहां खाने-पीने की कोई समस्या नहीं है। क्योंकि आपको यहां वेज और नॉनवेज हर तरह का खाना मिल जाएगा। और बात करें यहां के लोकल फूड की तो दोस्तों यहां लोकल फूड में आपको यहां के रेस्टोरेंट्स होटल में पश्चिम बंगाल का स्थानीय भोजन आपको मिल जाएगा। इसके अलावा देसी से लेकर विदेशी और फास्ट-फूड खाना भी आप अपनी मैन्यू में रख सकते हैं। और रही खाने की कीमत की बात तो ₹100 से लेकर ₹120 तक में एक थाली आसानी से मिल जाएगी।

दार्जिलिंग में घूमने के लिए

तो बात करते हैं। यहां पर घूमने की तो घूमने के लिए आपको यहां पर टैक्सी हायर करनी पड़ेगी जो कि आपको घंटाघर में मिलेगी। जो कि मॉल रोड के पास में ही है। और दोस्तों टैक्सीवाला आप से ₹1000 से लेकर ₹1200 तक लेगा। और 5 से 6 किलोमीटर की रेडियस में आपको सात से आठ टूरिस्ट प्लेस घुमएगा और शाम को वापस आपको मॉल रोड छोड़ देगा। तब आप वहां से आप मॉलरोड की मार्केट को भी घूम सकते हैं। और वहां शॉपिंग भी कर सकते हैं।

दार्जिलिंग की यात्रा गाइड?

इसके बाद दोस्तों अपनी अगले दो दिन की ट्रिप में आपको डार्लिंग से 10 से 20 किलोमीटर की दूरी पर जो टूरिस्ट प्लेसिस है। आप उनको विजिट कर सकते हैं। दार्जिलिंग में घूमने के लिए आप प्राइवेट टैक्सी या फिर शेयरिंग टैक्सी बुक कर सकते हैं। यहां पर एक बात आपको बता दें कि पूरे दार्जिलिंग टूर पर आप दो से 3 दिनों के लिए पहले दिन ही टैक्सी बुक कर लें। जिससे आपको टैक्सी का सभी दिनों का किराया काफी सस्ता पड़ जाएगा।

दार्जिलिंग के 10 सबसे प्रसिद्ध पर्यटक स्थल?

तो आइए जानते हैं। दार्जिलिंग में कहां-कहां घूमना चाहिए। और कौन-कौन से प्लेस को अपनी यात्रा में समिल करना चाहिए।

  1. टाइगर हिल : दार्जिलिंग से 13 किलोमीटर दूर स्थित यह पहाड़ की चोटी दार्जिलिंग के कंचनजंगा के बाद सबसे ऊंची चोटी है। इस हिल से आप पूरे झील का खूबसूरत नजारा देख सकते है। इस जगह को दार्जिलिंग का सबसे खूबसूरत टूरिस्ट प्लेसिस भी कहा जाता है। क्योंकि यहां का सनराइज का दृश्य बहुत ही खूबसूरत दिखाई देता है। सूर्योदय का खूबसूरत नजारा देखने के लिए पर्यटक सुबह ही वहां पहुंच जाते हैं। सूरज की पहली किरण जब कंचनजंगा की चोटियों पर पड़ती है। तो चोटियों का रंग बदलकर गुलाबी और ऑरेंज नजर आता है। इस अद्भुत नजारे को देखने के लिए यहां टूरिस्ट आते हैं। और इस दृश्य का आनंद उठाते हैं।
  2. बतासिया लूप : बतासिया लूप डार्लिंग में स्थित एक विशाल रेलवे ट्रैक लूट है। यहां पहाड़ों के घुमावदार रास्तों को काटकर टॉय ट्रेन की लाइन बिछाई गई है। इस स्थान को एक सुंदर बाग की तरह बनाया गया है। इसके बीच में पौधों की दुर्लभ प्रजाति आपको देखने को मिल जाएंगे। बतासिया लूप के बीच में गोरखा सैनिकों की याद में बनाया गया गोरखा वाड मेमोरिएल है। ओर ट्रेन भी यात्रा के दौरान इस स्थान पर रुकती है जिससे आप शहीदों के स्मारक को अच्छी तरह देख सकते हैं।
  3. रॉक गार्डन : रॉक गार्डन दार्जिलिंग का बेहद आकर्षक दृश्य है। पहाड़ों और चट्टानों को काटकर बनाए जाने की वजह से ही इसका नाम रॉक गार्डन कहां है। यहां पर एक झरना भी है जो इस जगह के और भी आकर्षक बनाता है।
  4. घूम मॉनेस्ट्री: घूम मॉनेस्ट्री शहर से केवल 8 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। यहां बोद्धहो का प्राचीन मठ है। घूम का रेलवे स्टेशन दुनिया का सबसे ऊंचा रेलवे स्टेशन है। इसलिए टूरिस्ट प्लेस दुनियाभर में प्रसिद्ध है।
  5. ऑब्जर्वेटरी हिल : दार्जिलिंग की मशहूर ऑब्जर्वेटरी हिल मॉल रोड के पास ही स्थित है। यह स्थान तिब्बती स्मारक और महाकाल मंदिर के लिए प्रसिद्ध है। तो अपनी दार्जिलिंग की ट्रिप में इस स्थान को शामिल करना बिल्कुल ना भूलें।
  6. जैपनीज टेंपल : दार्जिलिंग शहर से लगभग 10 किलोमीटर की दूरी पर स्थित यह जैपनीज टेंपल ओर बोद्ध मंदिर बेहद खूबसूरत मंदिर और मठ है। यह मंदिर जैपनीज मंदिरों की तरह सफेद पत्थर और गोलाकार आकृति में बनाया गया है।
  7. दार्जिलिंग रोपवे : दार्जिलिंग में रोपवे बहुत प्रसिद्ध है। रोपवे पर यात्रा करने वाले सेलनी यह पर मोजूद चाय के बागान ओर हरी भारी पहाड़ियों ओर खूबसूरत झरनों का लुप्त उठाते है।
  8. हैप्पी टी वैली : दार्जिलिंग अपनी चाय की खेती के लिए बहुत प्रसिद्ध है। यह के सभी चाय बागान हैप्पी टी वैली है। यहां पर लोकल गाइड भी मौजूद हैं। जो बाहर से आने वाले टूरिस्ट को जानकारी प्रदान करते हैं।
  9. इन सबके अलावा दार्जिलिंग में और भी बहुत सी फेमस टूरिस्ट प्लेस इन है। जहां आम घूम सकते हैं। जैसे मॉल रोड, सिंगलिला नेशनल पार्क, तीस्ता और एजेंट रिवर राफ्टिंग। दार्जिलिंग का वाइल्डलाइफ जूलॉजिकल पार्क, नाइटेंगल पार्क और विक्टोरिया वॉटरफॉल आदि