नमस्कार दोस्तों, आज के इस लेख मैं आपको बताने वाला हूँ, मध्य प्रदेश के शतना जिले में स्थित माता जी का मंदिर यानि की मैहर माता का मंदिर।

इस लेख में आपको पूरी जानकारी दूंगा आप वहां तक कैसे पहुंच सकते हो और वहां कौन कौन-सी भाषा बोली जाती है और वहां रुकने की क्या-क्या व्यवस्थाएं होती हैं वहां जाने के कौन-कौन से साधन उपलब्ध हैं तो आपके इन सभी सवालों के जवाब के लिए इस लेख को पूरा जरूर पढ़ें और वहां जाने का सबसे अच्छा समय कौन सा है तो चलिए इसलिए को शुरू करते हैं।

मैहर देवी मंदिर कैसे पहुंचें | क्यों प्रसिद्ध है | सबसे अच्छा समय | रोपवे का मार्ग
मैहर देवी मंदिर कैसे पहुंचें | क्यों प्रसिद्ध है | सबसे अच्छा समय | रोपवे का मार्ग

मैहर मंदिर क्यों प्रसिद्ध है? | मैहर में क्या है खास?

दोस्तों मंदिर प्रांगण के बाहर जो 1204 फीट की ऊंचाई पर बना हुआ है तो यहां से आपको पूरी मेहर सिटी का दृश्य देखने को मिलेगा।

और साथ ही साथ आपको मंदिर प्रांगण से आल्हा जी का सरोवर भी देखने को मिलेगा। जो कि मंदिर से लगभग 2 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है आप यहां पर माताजी के दर्शन कर सकते हैं।

तो यहां पर कुछ रोचक तथ्य हैं कि कहा जाता है ओर कि मान्यताएं हैं कि यहां पर एक आल्हा नमक पुजारी थे जो आधा उदल के नाम से बहुत फेमस है। आज भी कहा जाता हैं कि आला जी आकर सुबह 5 बजे पूजा अर्चना करते हैं।

मैहर देवी मंदिर के दर्शन कैसे करें?

दोस्तों अब हम आपको बताते हैं कि आप मैहर माता शारदा देवी के मंदिर कैसे पहुंच सकते हैं। तो मेहर पहुंचने के लिए आपके पास तीन रास्ते हैं। जिसमें सबसे पहला रास्ता हे बस का दूसरा रास्ता ट्रेन और तीसरा फ्लाइट का, तो आप इन सभी माध्यमों से आ सकते हैं।

मैहर मंदिर ट्रेन से कैसे जाएं

तो अगर आप बाय ट्रेन आना चाहते है तो आप कैसे मैहर तक आ सकते हैं। तो आपका सबसे नजदीकी रेलवे स्टेशन है। मैहर रेलवे स्टेशन यह प्रमुख शहरों से कनेक्टेड है। पर कुछ पर शहरों का कनेक्शन न होने से आप दूसरे रेलवे स्टेशन जिसे कटनी जंक्शन कहा जाता है या आप सतना जंक्शन भी उतर सकते हैं। फिर वहां से आपको मैहर की बहुत सारी बसें ओर ट्रेन मिल जाएंगी।

मैहर मंदिर रोड के माध्यम से कैसे जाएं

दोस्तों अगर आप बाई रोड आना चाहते हैं तो आपको जबलपुर से बाय रोड वेल कनेक्टेड बसे देखने को मिलेगी और साथ ही साथ आपको यूपी के प्रयागराज, सतना आदि जगह से आपको बाय रोड फैसिलिटी मिल जाएगी।

मैहर मंदिर हवाई जहाज से कैसे जाएं

दोस्तों आप अगर मैहर मंदिर फ्लाइट के माध्यम से जाना चाहते हैं तो आपके पास तीन ऑप्शन हैं पहला जो सबसे नजदीकी एयरपोर्ट है खजुराहो एयरपोर्ट जो की मंदिर से 104 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। उसके बाद आप 104 किलोमीटर की दूरी तय करके मेहर पहुंच सकते हैं और अगर आपको वहां तक की फ्लाइट नहीं मिल रही है तो आप दूसरा एयरपोर्ट जो जबलपुर के एयरपोर्ट है यहाँ आ सकते हैं जो मंदिर से 140 दूरी पर है अगर आप तीसरे एयरपोर्ट में आते हैं तो वह प्रयागराज एयरपोर्ट है जो मैहर से 220 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।

मैहर देवी मंदिर में कितनी सीढ़ियां हैं?

मंदिर के द्वार से सीडियाँ शुरू हो जाते हैं और मंदिर तक लगभग 1063 सीढ़ियां हैं और इन सीडियाँ को चढ़ते चढ़ते आपको लगभग 1 घंटे तक का समय लग जाएगा।

क्या मैहर में रोपवे उपलब्ध है?

दोस्तों अगर आप चलना नहीं चाहते हैं तो यह रोपवे की भी सुविधा है। आप रोपवे से भी जा सकते हैं इसकी टिकट ₹120 होती है।