नमस्कार दोस्तों, आज के इस लेख में हम आपको बताने वाले हैं माउंट आबू के बारे में अगर आप माउंटआबू घूमना चाहते हैं तो इस लेख में हम आपको माउंट आबू के बारे में पूरी जानकारी देने वाले हैं, कि माउंट आबू आप कैसे घूम सकते हैं। और माउंटआबू में कहां रुके। और वहां कौन सी भाषा बोली जाती है वहां जाने में कितना खर्चा आएगा और आदि सभी सवालों के जवाब में आपको इस लेख में देने वाला हूं तो चलिए आगे बढ़ते हैं और माउंट आबू के बारे में जानते हैं।

माउंट आबू के बारे में कुछ जानकारियां

दोस्तों हम बात कर रहे है राजस्थान के एक बेहद खूबसूरत हिल स्टेशन माउंट आबू के बारे में। माउंट आबू राजस्थान का एकमात्र हिल स्टेशन और मोस्ट फेवरेट टूरिस्ट प्लेस है जिसे राजस्थान का शिमला भी कहा जाता है। जो की राजस्थान के टॉप टूरिस्ट प्लेस में से एक है।

तो अगर आप राजस्थान में शिमला जैसी किसी ठंडी जगह या कहीं तो माउंट आबू की ट्रिप प्लान कर रहे हैं तो यह लेख आपके लिए बिल्कुल परफेक्ट होने वाला है। क्योंकि इसमें आपको माउंट आबू को लेकर कंप्लीट और टूर इंफॉर्मेशन देने वाले हैं।

राजस्थान के सिरोही जिले में स्थित माउंट आबू अरावली माउंटेन रेंज के ऊंचे पहाड़ों पर स्थित है। और राजस्थान का सबसे ज्यादा ठंडा और सबसे ज्यादा बारिश वाला स्थान है। अधिकांश गर्मियों में और मानसून के दौरान यहां हर साल लाखों की संख्या में टूरिस्ट घूमने आते हैं।

माउंट आबू पहुंचने का सबसे अच्छा समय | बस से | ट्रेन से | उड़ान से
माउंट आबू पहुंचने का सबसे अच्छा समय | बस से | ट्रेन से | उड़ान से

माउंट आबू कैसे पहुंचे।

तो आइए सबसे पहले जानते हैं कि माउंट आबू पहुंचना कहते हैं। तो यहां आने के आपके पास तीन ऑप्शन है जिसमे जो ट्रेन, बस, और एरोप्लेन, है. इन तीनों ही ऑप्शन से आप Mount Abu. पहुंच सकते हैं यहां पहुंचने के लिए आपको सांसे पहले उदयपुर सिटी आना होगा। क्योंकि उदयपुर ही माउंट आबू का सबसे नजदीकी और बड़ा शहर है।

ट्रेन से माउंट आबू कैसे पहुंचे।

तो माउंट आबू का सबसे नजदीकी रेलवे स्टेशन जो है आबू रोड रेलवे स्टेशन जो माउंट आबू से 28 किलोमीटर की दूरी पर है। और इस दूरी को तय करने के लिए आप यह तो बस ले सकते हैं या फिर टेंपो ट्रैवलर के द्वारा जा सकते हैं यहां लोकल बस का किराया लगभग ₹60 से ₹70 और टेंपो ट्रैवलर का किराया ₹250 से ₹300 के आसपास होता है।

बस से माउंट आबू कैसे पहुंचे।

दोस्तों अगर आप बस से आना चाहते है तो दिल्ली, हरियाणा, मध्य प्रदेश, और गुजरात सहित इंडिया के मुख्य शहरों से डायरेक्ट उदयपुर के लिए सरकारी रोडवेज या प्राइवेट बसे मिल जाएंगी जो आपको उदयपुर पहुंचा देंगे।

उदयपुर पहुंचने के बाद फिर उसके आगे की जर्नी को आप माउंट आबू तक पूरा कर सकते हैं। वहीं अगर बात करें बस या अपनी कार से माउंट आबू पहुंचने की तो दिल्ली, हरियाणा, मध्य प्रदेश, मध्यप्रदेश, गुजरात, और माउंट आबू के 600-700 किलोमीटर की रेंज के मुख्य शहरों से अपनी कार से आसानी से पहुंचा जा सकता है। बाकी इस रेंज से अधिक दूरी से आने वाले लोगों के लिए फ्लाइट, या ट्रेन की बेहतर विकल्प होगा।

हवाई जहाज से माउंट आबू कैसे पहुंचे।

यहां माउंट आबू का सबसे नजदीकी एयरपोर्ट है उदयपुर एयरपोर्ट, उदयपुर एयरपोर्ट से माउंट आबू की रोड डिस्टेंस है लगभग 175 किलोमीटर। लेकिन अगर आपके शहर से उदयपुर एयरपोर्ट तक के लिए डायरेक्ट फ्लाइट न मिले तो आप माउंट आबू के दूसरे नजदीकी एयरपोर्ट अहमदाबाद एयरपोर्ट तक आ सकते हैं। यहां अहमदाबाद से माउंट आबू की दूरी लगभग 225 किलोमीटर है। एयरपोर्ट पहुंचने के बाद उसके आगे की दूरी को आप स्टेट ट्रांसपोर्ट की बस द्वारा टेंपो ट्रैवलर से या प्राइवेट टैक्सी को बुक करके पूरा कर सकते हैं।

माउंट आबू में कहां रुके?

दोस्तों माउंट आबू पहुंचने के बाद आपको यहां माउंट आबू के मोस्ट पॉपुलर प्लेस नक्की लेक के आस-पास ही होटल लेना अधिक फायदेमंद होगा। क्योंकि नक्की लेक के आसपास ही सबसे अधिक होटल, रेस्टोरेंट और शॉपिंग के लिए मार्केट अवेलेबल है। इसके अलावा नक्की लेक के आसपास माउंट आबू के लगभग सभी लोकल टूरिस्ट प्लेस भी हैं जिनको आप आसानी से भी घूम सकते हैं।

नक्की लेक पर आपको होटल मे रुकने के भी कई ऑप्शन मिल जाएंगे जिनका तारीफ 1200 रुपये से लेकर 3000 रुपये मे कभी अच्छे होटल देखने को मिलेंगे। इसके अलावा माउंट आबू में इतने के लिए धर्मशाला भी अवेलेबल है जो एक अच्छा ऑप्शन है।

माउंट आबू में स्थानीय पर्यटन स्थल?

अब बात करें यहां के लोकल टूरिस्ट प्लेसेस को विजिट करने की तो यहां के टैक्सी स्टैंड से आप लोकल टैक्सी हायर कर सभी लोकल टूरिस्ट प्लेसेस तो घूम सकते हैं। जहां टैक्सी का किराया आपको लगभग ₹2000 से ₹2500 देखने को मिलेगा। जिसमें आप यहां के सभी लोकल फेमस टूरिस्ट प्लेसिस को विजिट कर सकते हैं।

माउंट आबू के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल?

दोस्तों अब जानते हैं यहां के मोस्ट फेमस टूरिस्ट प्लेसिस के बारे में-

  • नक्की लेक : नक्की लेक आफ माउंट आबू में घूमने की शुरुआत नक्की लेक से ही कर सकते हैं। नक्की लेक चारों और पहाड़ियों से घिरी हुई मीठे पानी की राजस्थान की सबसे ऊंची और सबसे पॉपुलर झील है। यह झील माउंट आबू के मेन मार्केट के करीब होने के कारण यहां पर हमेशा पर्यटकों की भीड़ रहती है। क्योंकि माउंट आबू के लगभग 80% होटल इसी झील के आसपास है। आप यहां पर वोटिंग, फोटोग्राफी ओर सुंदर हरियाली का आनंद ले सकते हैं।
  • दिलवाड़ा जैन मंदिर : दिलवाड़ा जैन मंदिर माउंट आबू से ढाई किलो मीटर दूर अरावली पहाड़ियों के बीच स्थित है। यह मंदिर जैन धर्म के लोगों का सबसे पॉपुलर और सुंदर तीर्थ स्थल है। दिलवाड़ा मंदिर अपनी संगमरमर के इस्तकचर की वजह से काफी फेमस है। इस मंदिर के निर्माण में संगमरमर का इस्तेमाल देखने लायक है।
  • वाइल्ड लाइफ सेंचुरी : यह वाइल्ड लाइफ सेंचुरी राजस्थान के अरावली माउंटेन रेंज में स्थित है जो नेचर और एनिमल लवर्स लोगों के लिए एक परफेक्ट प्लेस है। यहाँ पर सैकड़ों की संख्या में पेड़ पौधों सहित पक्षियों की अनेक देसी और माइग्रेट प्रजातियां हैं। हरियाली से घिरे होने के अलावा इस वाइल्ड लाइव सेंचुरी में अलग-अलग प्रकार के जानवरों की प्रजातियां भी पाई जाती हैं। अगर आप नेचर को करीब देखना चाहते हैं तो आप जरूर विज़िट कर सकते हैं।
  • सनसेट ओर हनीमून प्वाइंट : माउंट आबू में नक्की लेक के पास सनसेट पॉइंट है। सनसेट के टाइम आप यह से पहाड़ के पीछे छुपते सूरज के साथ-साथ अरावली माउंटेन रेंज का बहुत सुंदर दृश्य देख सकते हैं।
  • गुरु शिखर : गुरु शिखर माउंट आबू ही नहीं बल्कि पूरे राजस्थान के अरावली रेंज की सबसे ऊंची चोटी है जो माउंट आबू से करीब 15 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। इस सिकहर से पूरे माउंट आबू सहित आसपास के क्षेत्र का बहुत ही सुंदर नजारा दिखाई देता है। यहां पर एक मंदिर भी बना हुआ है। जिसको भी आप विज़िट कर सकते हैं। यहां पर आने वाली सभी टूरिस्ट इस मंदिर को जरूर विज़िट करते है।
  • अबुर्द देवी मंदिर : माउंट आबू से लगभग 3 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है इस मंदिर तक पहुंचने के लिए 365 सीडिया चड़ कर जाना होता है। और इस दौरान बहुत ही सुंदर नजारे भी आपको देखने को मिलते हैं।
  • गौमुख टेंपल : इस मंदिर के परिसर में गाय की एक मूर्ति से पानी की एक धारा बहती रहती है। इसी कारण गोमुख मंदिर के रूप में जाना जाता है। इस मंदिर तक पहुंचने के लिए 700 सीटों की चढ़ाई करनी पड़ती है और यह मंदिर गुरु वशिष्ठ को भी समर्पित है।
  • टोरडरोक : टोरडरोक एक मेंढक जैसे आकार का अनोखा सा पत्थर है। इस पत्थर को माउंट आबू की पहचान माना जाता है।
  • उसके अलावा भी बहुत सारे टूरिस्ट प्लेस है जैसे अचलगढ़ किला, ब्रह्मकुमारी, और रघुनाथ मंदिर आदि।

माउंट आबू में किराए के लिए दो पहिया वाहन?

दोस्तों इसके अलावा माउंट आबू में घूमने के लिए बाइक और स्कूटी भी रेंट पर मिलती हैं। जिनको लेकर आप माउंट आबू के सभी टूरिस्ट डेस्टिनेशंस को कवर कर सकते हैं। बात करें किराए की तो बुलेट का रेंट ₹700 से ₹800 पर दी और नॉर्मल बाइक स्कूटी का रेट ₹300 से ₹500 के बीच होता है।

माउंट आबू जाने का सबसे अच्छा समय?

दोस्तों अब बात करें यहां जाने के सबसे अच्छे समय के बारे में तो माउंट आबू जाने का सबसे अच्छा समय मानसून ओर सर्दियों के दौरान है। इसका मतलब यह है कि आप जुलाई से फरवरी तक कभी भी माउंट आबू की घूम सकते हैं।